बुधवार, 16 सितंबर 2020

शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा

गौतम बुद्ध को भगवान बुद्ध व महात्मा बुद्ध आदि नामों से भी जाना जाता है। वे विश्व
 के संस्थापक माने जाते हैं। गौतम बुद्ध का जन्म 563 ई. पूर्व लुम्बिनी में हुआ था। उनका नाम सिद्धार्थ रखा गया। उनके पिता का नाम शुद्धोधन था। सिद्धार्थ ने गुरू विश्वामित्र के पास वेद और उपनिषद्‌ तो पढ़े ही, राजकाज और युद्ध-विद्या की भी शिक्षा ली। सिद्धार्थ के मन में बचपन से ही करुणा भरी थी। उनसे किसी भी प्राणी का दुख नहीं देखा जाता था। महात्मा बनने से पहले बुद्ध एक राजा थे। वो बचपन से ही ऐसे प्रश्नों के उत्तर की तलाश में खोए रहते थे जिनका जवाब बड़े- बड़े संत और महात्माओं के पास भी नहीं था। बुद्ध विवाह के बाद ही अपने परिवार को छोड़कर सत्य की तलाश में निकल पड़े थे और ज्ञान की प्रप्ति की। बुद्ध के उपदेश आज भी लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
प्रस्तुत है गौतम बुद्ध की बीस प्रमुख शिक्षाएं-
  • यदि आप वास्तव में ही अपने आप से प्रेम करते हैं,तो आप कभी भी दूसरों को दुःख नहीं पहुंचा सकते।
  • अपना रास्ता स्वयं बनाएं–हम अकेले पैदा होते हैं और अकेले मृत्यु को प्राप्त होते हैं, इसलिए हमारे अलावा कोई और हमारी किस्मत का फैसला नहीं कर सकता।
  • स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है,संतोष सबसे बड़ा धन है और वफादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है।
  • अच्छी चीजों के बारे में सोचें– हम वही बनते हैं जो हम सोचते हैं। इसलिए सकारात्मक बातें सोचें और खुश रहें।
  • आकाश में पूरब और पश्चिम का कोई भेद नहीं है,लोग अपने मन से भेदभाव को जन्म देते हैं और फिर विश्वास करते हैं कि यह सच है।
  • आपको क्रोधित होने के लिए दंड नहीं दिया जायेगा,बल्कि आपका क्रोध खुद आपको दंड देगा।
  • इंसान के अंदर ही शांति का वास होता है,उसे बाहर ना तलाशें।
  • एक जलते हुए दीपक से हजारों दीपक रौशन किए जा सकते हैं,फिर भी उस दीपक की रौशनी कम नहीं होती। उसी तरह खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, कम नहीं होतीं।
  • क्रोधित रहना,जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़े रहने के समान है, यह सबसे पहले आप को ही जलाता है।
  • दूसरों के सामने कुछ भी साबित करने से पहले यह जरूरी है कि हम खुद को साबित करें। हर इंसान की प्रतिस्पर्धा पहले खुद से होती है।
  • खुशी हमारे दिमाग में है- खुशी,पैसों से खरीदी गई चीजों में नहीं, बल्कि इस बात में है कि हम कैसा महसूस करते हैं। वास्तव में खुशी हमारे मस्तिष्क में है।
  • घृणा से घृणा कभी खत्म नहीं हो सकती। घृणा को केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है। यह शास्वत सत्य है।
  • जिस तरह एक मोमबत्ती बिना आग के खुद नहीं जल सकती,उसी तरह एक इंसान बिना अध्यात्म के जीवित नहीं रह सकता।
  • तीन चीजों को लम्बी अवधि तक छुपाया नहीं जा सकता,सूर्य, चन्द्रमा और सत्य।
  • भूतकाल में मत उलझो,भविष्य के सपनों में मत खो जाओ, वर्तमान पर ध्यान दो, यही खुश रहने का रास्ता है।
  • मैं कभी नहीं देखता की क्या किया जा चुका है;मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है।
  • हजारों लड़ाइयां जीतने से बेहतर है आप खुद को जीत लें।फिर वो जीत आपकी अपनी होगी, जिसे कोई आपसे नहीं छीन सकता।
  • हर अनुभव कुछ न कुछ सिखाता है–हर अनुभव महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम अपनी गलतियों से ही सीखते हैं।
  • हर इंसान को यह अधिकार है कि वह अपनी दुनिया की खोज स्वयं करे।
  • हर दिन की अहमियत समझें– इंसान हर दिन एक नया जन्म लेता है एक नए मकसद को पूरा करने के लिए है,इसलिए एक- एक दिन की अहमियत समझें।

शुक्रवार, 11 सितंबर 2020

bharkhani block Adhyaksh janadhikar party

जन अधिकार पार्टी एवं भागीदारी संकल्प मोर्चा द्वारा 31 अगस्त 2020 दिन सोमवार को केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों डीजल पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को वापस लेने एवं भाजपा सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग का आरक्षण समाप्त किए जाने के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करते हुए । जन अधिकार पार्टी एवं भागीदारी संकल्प मोर्चा की प्रमुख मांगे (1) पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतें तत्काल वापस ली जाएं (२) पिछड़ों दलितों अल्पसंख्यकों की हत्या एवं उत्पीड़न को तत्काल रोका जाए (३) मजदूरों को व्यवस्थित होने के लिए उन्हें कम से कम ₹15000 एकमुश्त दिए जाएं और ₹7500 अगले 1 वर्ष तक प्रतिमाह दिए जाएं (४) अन्य वर्गों की तरह पिछड़े वर्ग के छात्रों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जाए (५) पूरे देश में शिक्षा का पाठ्यक्रम एक समान किया जाए और बेरोजगार नव युवकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए (६) किसानों को खाद बीज एवं कीटनाशक दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएं और सिंचाई व्यवस्था मुफ्त की जाए (७) आवारा पशुओं को बंद किया जाए जिससे किसानों की फसलों की सुरक्षा हो सके (८) छोटे व मझोले किसानों दुकानदारों व्यापारियों का कर्ज एवं बिजली का बिल माफ किया जाए (९) किसानों के गन्ने का मूल्य का भुगतान तत्काल किया जाए (१०) सरकार द्वारा पिछड़ों का आरक्षण मेडिकल सहित सभी क्षेत्रों में शून्य कर दिया गया है इसे तत्काल बहाल किया जाए निवेदक:- जन अधिकार पार्टी भरखनी ब्लाक अध्यक्ष शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा खदिया नगला

मंगलवार, 8 सितंबर 2020