शनिवार, 23 मई 2020

ज्ञापन प्रतिष्ठा में,. महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार नई दिल्ली विषय :– अयोध्या जिला फैजाबाद उत्तर प्रदेश में हो रही खुदाई में तथागत भगवान बुद्ध की मूर्ति व बौद्ध कालीन अवशेष मिलने पर उस स्थल को पुरातात्विक स्मारक घोषित किए जाने के संबंध में ज्ञापन

ज्ञापन

प्रतिष्ठा में,.

महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार नई दिल्ली

विषय :– अयोध्या जिला फैजाबाद उत्तर प्रदेश में हो रही खुदाई में तथागत भगवान बुद्ध की मूर्ति व बौद्ध कालीन अवशेष मिलने पर उस स्थल को पुरातात्विक स्मारक घोषित किए जाने के संबंध में ज्ञापन

महोदय ,

अवगत कराना है कि अयोध्या जिला फैजाबाद उत्तर प्रदेश में खुदाई के दौरान 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध प्रतिमाएं, शिलालेख, धम्मचक्र आदि बौद्ध-कालीन प्रतीक व अवशेष प्राप्त हो रहे हैं .जो पुरातत्विक व ऐतिहासिक महत्व के दृष्टिकोण से मूल्यवान हैं. आप स्वयं विद्वान व जानकार हैं कि पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक स्थलों के साथ छेड़छाड़ करना, उनकी रचना व बनावट में बदलाव करना इतिहास को मिटाने के समान हैं और एक अक्षम्य अपराध है .संपूर्ण भारतवर्ष में अनेकों बौद्ध स्थलों का रखरखाव व नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (A.S.I.) के पास है! इन सभी स्थलों का ऐतिहासिक महत्व है

अयोध्या में समतलीकरण व खुदाई के दौरान तथागत बुद्ध की प्रतिमा व बौद्ध प्रतीक अवशेष मिलने से उनके ऐतिहासिक व पुरातत्विक महत्त्व से इनकार नहीं किया जा सकता.

आप स्वयं जानकार हैं कि पुरातात्विक महत्व के स्थलों की बनावट में छेड़छाड़ , तोड़फोड़ करना अथवा किसी भी प्रकार का बदलाव करना पुरातत्विक स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 व बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 के अनुसार दंडनीय अपराध है.

आज दिनांक 23 मई 2020 को लखनऊ में बौद्ध विद्वानों व इतिहासकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक बौद्ध भिक्षु सुमित रत्न थेरा जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई

इस बैठक में सर्वसम्मति से निम्न प्रस्ताव पास किया गया :—

1. उच्च प्राथमिक व ऐतिहासिक महत्व के स्थल की सामान्य खुदाई तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए

2. उस स्थल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की निगरानी में विधिवत उत्खनन कार्य कराया जाए.

3.उत्खनन स्थल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकार क्षेत्र में देकर राष्ट्रीय स्मारक के रूप में संरक्षित कर दिया जाए. 4.भारतीय इतिहास वेत्ताओं व पुरातत्व वेत्ताओं एवं बौद्ध विद्वानों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल उत्खनन स्थल का निरीक्षण करे और अपनी रिपोर्ट संसद को प्रस्तुत करें!. 5. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर अयोध्या में ही किसी अन्य स्थल पर निर्मित कराया जाए.

महामहिम राष्ट्रपति महोदय से अनुरोध है कि उक्त अनुरोध को स्वीकार कर तत्काल प्रभावी आदेश जारी करने की कृपा करें ;

और भारतीय संविधान की रक्षा करें.

भवदीय

1.पूज्य बौद्ध भिक्षु सुमित रत्न थेरा

2.दददू प्रसाद पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश शासन

3.राजाराम आनंद पूर्व राज्यमंत्री मंत्री उत्तर प्रदेश शासन

4.शैलेंद्र बौद्ध, लखनऊ

5.राजेश नंद फैजाबाद

6. दया सागर बौद्ध लखनऊ

7. लालमनि प्रसाद पूर्व सांसद बस्ती

8. अनूप प्रियदर्शी

9. रविंद्र कुमार सुल्तानपुर

10. विक्रम सिंह बौद्ध इटावा

11. ए.आर. अकेला साहित्यकार अलीगढ़

12.मिथिलेश कुमार लखनऊ

नोट – आप अपना नाम और अपने संगठन का नाम जोड़कर इस ज्ञापन को एसडीएम डीएम एवं सीधे तौर पर है मेल के द्वारा मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को भेजें सबका मंगल हो धन्यवाद

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें