बुधवार, 6 मई 2020

सम्राट बृहद्रथ मौर्य की हत्या का कारण

रेड चल रही सेना अपने चक्रवती सम्राट बृहद्रथा को सलामी दे रही थी !

अचानक से मंच पर ब्राह्मण सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने अपने ही सम्राट को बृहद्रथा को तलवार से चीर दिया !

अनार्य बृहद्रथा के ज़मीन पर गिरते ही, आर्य ब्राह्मण शुंग ने स्वयं को सम्राट घोषित कर दिया !

अब वैदिक ब्राह्मण पुष्यमित्र शुंग बुद्धमय मगध साम्राज्य का सम्राट बन चूका था, बौद्ध मठों को ज़मीन दोज़ करने का आदेश पारित हुआ !

अब ना रहा मगध साम्राज्य, ना ही बौद्ध सभ्यता ! मगध साम्राज्य शुंगा साम्राज्य बना और बौद्ध सभ्यता को वैदिक सभ्यता बनाने का दौर शुरू हुआ !

लाखो बौद्ध भिक्षुओं को मौत के घाट उतारा गया, बौद्ध मठों में आग लगाई गई, बौद्ध विहार टूटे !

बौद्ध धर्म को ताक़त और तलवार के बल पर धीरे धीरे कमजोर करने का दौर शुरू हुआ और वैदिक संस्कृति अपनाने पर लोगो को मजबुर किया गया !

जिन वैदिक ईरानी ब्राह्मणों को नंद साम्राज्य से नंद राजाओं ने देश निकाला किया, नंद वंश का अंत कर मौर्य वंश ने इन्ही वैदिकों को मगध में प्रवेश दिया, उन्हें मौर्य साम्राज्य के शासन में स्थान मिला पद मिला !

मौर्य साम्राज्य में वैदिक मजबूत से मजबूत होते गए और एक दिन जिसने दूध पिलाया था उसी को डस लिया !

पुष्यमित्र शुंग साम्राज्य के बाद जितने भी साम्राज्य आये उन्होंने वैदिक संस्कृति को और मजबूती प्रदान की, झुठे काल्पनिक भगवन निर्मित हुए उनके मंदिर बने !

उलूल जुलूल तर्कहीन ग्रन्थ लिखे गए !

फिर भी बौद्ध दर्शन के निशान मिटा नही पाए !

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