शुक्रवार, 3 जुलाई 2020

विश्र्व का सबसे ऊंचा गज स्तंभ कहां है?


उत्तर प्रदेश मैनपुरी विश्व को शांति का संदेश दे रहा मैनपुरी का जसराजपुर, यहां स्थापित है देश का सबसे ऊंचा गज स्तंभ Saturday, 21 Sep, 10.43 am महात्मा बुद्ध के चरणों से पावन हुई मैनपुरी के जसराजपुर की धरा विश्व में शांति का संदेश दे रही है। बौद्ध आस्था का केंद्र जसराजपुर आज पूरे विश्व में विख्यात हो चुका है। इसी पावन धरती से दो बार तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा भी विश्व शांति का संदेश दे चुके हैं। जसराजपुर में देश का सबसे ऊंचा गज स्तंभ भी स्थापित है, जिसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले आते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार संकिसा से ही सटे मैनपुरी के गांव जसराजपुर में भी उन्होंने भ्रमण किया था। तब से संकिसा के साथ-साथ जसराजपुर भी महात्मा बुद्ध की धर्मस्थली बन गया। सदियों बाद अब फिर एक बार जसराजपुर पूरी दुनिया को विश्व शांति का संदेश दे रहा है। कंबोडिया, चीन, श्रीलंका, नेपाल, बर्मा, इंडोनेशिया, जापान समेत कई अन्य देशों के उपासक यहां शांति के लिए आते हैं। काली नदी के किनारे बसा गांव जसराजपुर बौद्ध उपासकों की धर्मस्थली बन गया है। यहां कंबोडिया, दक्षिण कोरिया और बर्मा के बौद्ध विहान बने हुए हैं। दूसरे देशों से आने वाले लोग यहां भगवान बुद्ध और शांति प्राप्त करने के लिए उपासना करते हैं। वर्ष 2015 और 2018 में दलाई लामा यहां तीन दिवसीय प्रवास और प्रवचन के लिए आ चुके हैं। साल भर यहां दूसरे देशों से यात्रयों का आना-जाना लगा रहता है। जिले में अब जसराजपुर को शांति के उपासना स्थल के रूप में जाना जाने लगा है। जसराजपुर में देश का सबसे ऊंचा गज स्तंभ भी स्थापित है। वर्ष 2015 में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने 80 फीट ऊंचे इस गज स्तंभ का पूजन किया था। इस स्तंभ को चुनार के पत्थर से बनाया गया है। इसके निर्माण में करीब साढ़े तीन साल का समय लगा था और इस पर एक करोड़ रुपये का खर्च आया था। वहीं बौद्ध तीर्थ स्थली संकिसा में भी एक गज स्तंभ स्थापित है। इतिहासकारों का दावा है कि 35 फीट लंबे इस गज स्तंभ को खुद सम्राट अशोक ने बनवाया था। ये गज स्तंभ आज भी मौजूद है। 31 जनवरी 2015 को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा जसराजपुर आए थे। यहां प्रवचन व अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के दौरान उन्होंने भारत और चीन को गिले शिकवे मिटाकर शांति स्थापित करने की नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को एकसाथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। विश्व के देशों और लोगों के बीच में शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1981 में विश्व शांति दिवस मनाने की घोषणा की थी। इसके बाद पहली बार वर्ष 1982 में पहली बार विश्व शांति दिवस मनाया गया। वर्ष 2001 तक हर साल सितंबर माह के तीसरे मंगलवार को विश्व शांति दिवस मनाया जाता था, लेकिन वर्ष 2002 से इसके लिए 21 सितंबर की तरीख निर्धारित कर दी गई। तब से इसे 21 सितंबर को मनाने का सिलसिला जारी है। Dailyhunt Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Dailyhunt. Publisher: Uttar Pradesh 

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