होली का रहस्य "
" होली का रहस्य "
हिरण्यकश्यप नास्तिक भारत का मूलनिवासी राजा था... पुत्र प्रहलाद विष्णु का भक्त था...परन्तु राजा हिरण्यकश्यप को अपने पुत्र के मुख से दुश्मन का नाम लेना विल्कुल पसंद नहीं था...तो राजा ने बेटा को मारने के लिए पहाड़ से डलवाया, साप की कोटरी मे छुड बाया, हाथी के सामने डलबाया, नही मरा...हर बार विष्णु ने बचा लिया.... फिर अपनी बहिन होलिका को बुलाया जिसे आग मे न जलने का वरदान प्राप्त था होलिका का अग्नि कुछ भी नहीं विगाड सकती थी... होलिका प्रहलाद को लेकर आग मे बैठ गई और खुद जल गई विष्णु भक्त(गुलाम) प्रहलाद बच गया...??? ये कहानियां गढी गई....???
नोट – ये सब नौटंकी हुई तब उस समय प्रहलाद की उम्र क्या थी ..? पहाड़ तथा हाथी के सामने डालना, साप की कोठरी में छोडना स्वतः अपनी तलवार से क्यों नहीं काट दिया...??? होलिका को वरदान किसने दिया..??? गोद मे भतीजे को लेकर बैठी उस समय बुआ और भतीजे की उम्र क्या थी...??? वरदान क्यों दिया उसका कोई कारण....??? वरदान वाला जल कैसे गया...? विना वरदान वाला बच कैसे गया...??? आग का काम जलाना हैं...???
सारांश – सीधी बात ये थी कि हिरण्यकश्यप का राज्य छीनना था मनुवादियों को...हिरण्यकश्यप व उसके परिवार के सदस्यों को मारकर कहानियां गढ दी गई जिससे प्रजा विद्रोह न करे.... मनुवादी अपनी चाल मे कामयाब हो गये...
!! जय महान !!
सौ० - दिनेश रत्न बौद्ध शाक्य महान दल मैनपुरी उत्तर प्रदेश भारत
" होली का रहस्य "
हिरण्यकश्यप नास्तिक भारत का मूलनिवासी राजा था... पुत्र प्रहलाद विष्णु का भक्त था...परन्तु राजा हिरण्यकश्यप को अपने पुत्र के मुख से दुश्मन का नाम लेना विल्कुल पसंद नहीं था...तो राजा ने बेटा को मारने के लिए पहाड़ से डलवाया, साप की कोटरी मे छुड बाया, हाथी के सामने डलबाया, नही मरा...हर बार विष्णु ने बचा लिया.... फिर अपनी बहिन होलिका को बुलाया जिसे आग मे न जलने का वरदान प्राप्त था होलिका का अग्नि कुछ भी नहीं विगाड सकती थी... होलिका प्रहलाद को लेकर आग मे बैठ गई और खुद जल गई विष्णु भक्त(गुलाम) प्रहलाद बच गया...??? ये कहानियां गढी गई....???
नोट – ये सब नौटंकी हुई तब उस समय प्रहलाद की उम्र क्या थी ..? पहाड़ तथा हाथी के सामने डालना, साप की कोठरी में छोडना स्वतः अपनी तलवार से क्यों नहीं काट दिया...??? होलिका को वरदान किसने दिया..??? गोद मे भतीजे को लेकर बैठी उस समय बुआ और भतीजे की उम्र क्या थी...??? वरदान क्यों दिया उसका कोई कारण....??? वरदान वाला जल कैसे गया...? विना वरदान वाला बच कैसे गया...??? आग का काम जलाना हैं...???
सारांश – सीधी बात ये थी कि हिरण्यकश्यप का राज्य छीनना था मनुवादियों को...हिरण्यकश्यप व उसके परिवार के सदस्यों को मारकर कहानियां गढ दी गई जिससे प्रजा विद्रोह न करे.... मनुवादी अपनी चाल मे कामयाब हो गये...
!! जय महान !!
सौ० - दिनेश रत्न बौद्ध शाक्य महान दल मैनपुरी उत्तर प्रदेश भारत

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