शनिवार, 28 मार्च 2020

कोरोना वायरस ने सिद्ध किया कि ईश्वर एक मात्र कल्पना है अंधविश्वास नहीं है इस संसार में कोई देवी और देवता

ईश्वर कोई कोरोना वाइरस थोड़े ही जिससे मैं डर कर लॉकआउट होकर छुप जाऊँगा। यदि मुझे मेरा ईश्वर मिल गया तो पहले तो उसे जली कटी( खरी-खोटी) सुनाऊँगा ।

यह कहूँगा घौंजे ( ससुर) तुझे भी

खाज पा.की तरह वाय ( हवा ) लग गई है क्या?

जो अमीरों के जवानों(नवयुवकों) को तो हवाई जहाज से विदेशों से हजारों मील दूरी से वाह वाही लूटने (वोट बढ़ााने)

कोरोना फैलाने को बुला रहा है, और मेरे लचार बेबस गरीब मजदूरों के लिये खटारा बस भी नहीं ।

आग लगे तेरे संक्रमित कोरोना में जो लॉक डाउन में ऐसे नहीं तो भूख से तड़फ तड़फ कर मजदूर

( दिहाड़ी) मजदूर तड़फ तडफ कर कुड़क ( लढ़क) लैंगे और तेरी सत्ता रूपी बेटी (संसद) कहेगी कि ये रोटी की जगह केक विस्किट क्यों नहीं खा लेते ?

यदि मुझे मेरे ईश्वर तू कहीं कौने में कायर की तरह से छुपा मिल गया तो बस तेरी खैर नहीं तुझे

जतिया व सुटिया दूँगा ।

जी अँधभक्तो ! माफ करना मेरा उद्देश्य किसी के मन को ठेस पहुँचाना नहीं है ,

मैं तो अपने ईश्वर से रुष्ट हूँ।

अस्तु

भिक्षु

शीलसागर

हास्य- व्यंग्यकार

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