बुधवार, 8 जनवरी 2020

पंचशील झंडे का संपूर्ण इतिहास बौद्ध धर्म पंचशील


🌹 विश्व बौद्ध “धम्म ध्वज” दिवस 🌹

8 जनवरी,1880 बौद्ध जगत में विशेष महत्व का दिन है क्योंकि इसी दिन “#धम्म_ध्वज” की स्थापना हुई थी | यह धम्म ध्वज सम्पूर्ण विश्व को शांति, प्रगति मानवतावाद और समाज कल्याण की सदैव प्रेरणा देता है | इस धम्म ध्वज में पांच रंग होते है जिनका अपना अर्थ और भाव है | चूँकि इस #धम्म_ध्वज_में_पांच_रंग_हैं_इसलिए_इसको_पंचशील_का_झंडा_भी_कहा_जाता_है | धम्म ध्वज हमारी आन, बान और शान है |

आओ धम्म ध्वज के पांच रंगों के भावार्थ को हम समझें..

(1) #नीला :- बौद्ध धम्म मे प्रेम और दया इस प्यारी संकल्पना को दर्शाता है |समानता और व्यापकता- अर्थात इस नीले आसमान के नीचे सभी व्यक्ति सामान है | सार्वभौमिक करुणा | सभी प्राणी मात्र के प्रति कल्याण करने की भावना रखना |

‘#सब्बे सत्ता सुखी होन्तु’/ #भवतु सब्ब मंगलं

(2) #पीला :- #मध्यममार्ग का प्रतिक| जैसा कि विदित है कि बुद्ध ने मध्यम मार्ग हेतु अष्टांगिक मार्ग पर चलने का रास्ता बताया है जो ‘निर्वाण’ प्राप्ति यानि चरित्र सम्पन्न, उत्कृष्ट जीवन जीने का, प्रगति का सरल और सुस्पष्ट मार्ग है |

(3) #लाल :- बुद्ध का उपदेश दर्शाने वाला … विद्वत्ता, सद्गुण और सम्मान का प्रतिक | गतिशीलता और दृढ़ निश्चय | उर्जावान और परिश्रमी बनना | प्रत्येक व्यक्ति को धर्मानुसार आचरण करना चाहिए | अपने वांक्षित उद्देश्य की पूर्ति तथा जनकल्याण के लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए | धम्म की रक्षा हेतु बलिदान तक करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए |

(4) #सफेद :- बुद्ध उपदेश की #पवित्रता दर्शाने वाला, स्वतंत्रता शांति और शुद्धता | मन , वचन और कर्म से व्यक्ति शुद्ध और पवित्र होना चाहिए | शीलवान और चरित्र संपन्न व्यक्ति बनने का हर संभव प्रयास करना चाहिए | सफ़ेद रंग भगवान बुद्ध के विचारों की पवित्रता और शुद्धता का घोतक है |

(5) #नारंगी/#केसरिया:- बौद्ध धम्म का सार, बुद्ध के पाठ की विद्वत्ता, सामर्थ्य और प्रतिष्ठा पूर्ण है|त्याग और सेवा – प्रज्ञा , बुद्धिवाद, उच्चतम शिक्षा की प्राप्ति। प्रत्येक व्यक्ति को सुशिक्षित होने के लिए अच्छी से अच्छी शिक्षा लेनी चाहिए।शिक्षा प्राप्त करना, ज्ञान प्राप्त करना बुद्ध धम्म का प्रथम सन्देश है | मन को सुसंस्कृत और नियंत्रित करने के लिए शिक्षा नितांत आवश्यक है | अतः प्रत्येक व्यक्त्ति को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी ही चाहिए | उचित शिक्षा के द्वारा ही व्यक्त्ति प्रज्ञावान बनता है और सेवा और त्याग के लिए तत्पर रहता है | केसरिया भगवान बुद्ध के चीवर का रंग है जो शक्त्ति और साहस को दर्शाता है |

इन अखंड पाच रंगो का संयोजन इसकी सत्यता का प्रमाण है |

इस प्रकार “धम्म ध्वज” से संपूर्ण बौद्ध धम्म का भाव और सार प्रकट होता है इसलिए धम्म ध्वज को पूरा आदर और सम्मान देना चाहिए |

#चलो बुद्ध की ओर

#बुद्धम् शरणम् गच्छामी।

#धंम्मम् शरणम् गच्छामी।

#संघम् शरणम् गच्छामी।

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