भारतीय संस्कृति का गौरव है बौद्ध धर्म
वाईबीएस सेंटर पर महापरित्राण पाठ में रातभर हुआ मंत्रों का संगायन...
भोगांव(मैनपुरी), संसू। भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म का वैभव गौरवशाली रहा है। संस्कृति व बौद्ध धर्म के समानांतर विचारधारा के चलते ही भारत में बौद्ध धर्म का प्रसार तेजी से हुआ था।
ये बात थाईलैंड के बौद्ध भिक्षु सुधम्मनाथ थैरो ने गांव जसराजपुर स्थित वाईवीएस सेंटर पर आयोजित महापरित्राण पाठ व चीवरदान कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि भिक्षुओं का जीवन हमेशा दूसरों को प्रेरणा देता है। मुख्य अतिथि सांसद बदायूं डॉ. संघमित्रा मौर्य ने कहा कि भिक्षुओं के जीवन और त्याग से प्रेरणा लेकर सभी को गौरवशाली इतिहास समाहित किए बौद्ध धर्म के रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
गुरुवार की रात लगभग दो सैकड़ा भिक्षुओं ने विदेशी भिक्षुओं के निर्देशन में महापरित्राण पाठ में मंत्रों की व्याख्या की। वाईबीएस के अध्यक्ष सुरेश बौद्ध व महासचिव भंते उपनंद थैरो ने भिक्षुओं को उनकी कार्यशैली के बारे में बताया। सुबह भिक्षुओं को भोजनदान व चीवरदान का कार्यक्रम उपासकों ने किया। कार्यक्रम में एसडीएम बाह महोश प्रकाश, इंजी. भीमराज, भंते श्रद्धालोको, भंते शीलानंद, भंते सुमनरत्न, भंते मित्ता बोधि, पीएस बौद्ध, हरिओम बौद्ध, ब्रजेश कुमार शाक्य, अनिल बौद्ध, भंते पइयासार, श्यामबाबू गुप्ता, पूजा बौद्ध, अभिलाख सिंह मौजूद रहे।
विदेशी मूर्ति लगाने का शिलान्यास
महापरित्राण पाठ कार्यक्रम के दौरान वाईबीएस सेंटर पर थाईलैंड से मंगाई गई भगवान बुद्ध की मूर्ति को लगाने के लिए शिलान्यास कार्यक्रम हुआ। विदेशी भिक्षुओं ने बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्य, बाईवीएस अध्यक्ष सुरेश बौद्ध, महासचिव भंते उपनंद थैरो को मंत्रोच्चारण के साथ मूर्ति का शिलान्यास कराया। फरवरी तक मूर्ति स्थापित की जाएगी।
[5/1, 7:40 PM]
Rahul Singh bauddha
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sudhmmanatho Thailand


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