शनिवार, 30 नवंबर 2019

ऐतिहासिक नगरी कपिलवस्तु लेखक शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा

🌹🌹नमो बुध्दाय 🌹🌹🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃

मुनि कपिल के नाम से कपिलवस्तु है यह ऐतिहासिक नगरी जानी पहचानी ।

साथियों के राजा शुद्धोधन थे थी कपिलवस्तु उनकी राजधानी ।।


2 शुद्धोधन के पिता सिंह हनु थे हुई बाबा जय सेन की अमर कहानी

हुआ शुद्धोधन का ब्याह महामाया से जो उनकी हुई पहली महारानी


3 महामाया के पिता अंजन कोलिया थे देवदह नाम से जिनका गांव बखानी ।

थे सैन्य पराक्रम में पारंगत शुद्धोधन महान योद्धा सेनानी ।।




4 पराक्रम के कारण ही अनुमति पाकर लाए महा प्रजापति रानी

शुद्धोधन और महामाया से जन्मे सिद्धार्थ महाविज्ञानी ।।


5 वह ईशा पूर्व की छठी सदी में हुए संस्थापक बौद्ध धर्म जग ज्ञानी

जिसमें समता समरसता दुख रहित विश्व बंधुत्व की राह बुद्ध ने ठानी


6 अथक परिश्रम से भगवान बुद्ध ने यह वैज्ञानिक धर्म बनाया

हुए जगतगुरु भगवान बुद्ध तभी विश्व गुरु भारत कहलाया ।।


7 कलिंग युद्ध के बाद अशोक महान ने धर्म विजय का पर्व मनाया

जिसमें लाखों ने धम्म किया धारण सब ने बुद्ध शरणम् गच्छामि गाया ।।


8 फिर बेटा महेंद्र बेटी संघमित्रा से श्रीलंका में धर्म प्रचार कराया

बौद्ध धर्म सर्वोपरि मानकर सब ने त्रिशरण पंचशील अपनाया ।।


9 , 84000 उपदेशों का दोनों ने श्रीलंका में शिलालेख लिखवाया

उसी समय दुनिया में भारत सोने की चिड़िया कहलाया ।।।


10 यदि चाहते हो पुनः भारत को खुशहाल बनाना है

इसकी सबसे बड़ी कुंजी है शिक्षा बेटा बेटी को खूब पढ़ाना है ।।।



शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा

ग्राम खदिया नगला कुशवाहा

पोस्ट भरखनी थाना पाली तहसील सवाजपुर जिला हरदोई

उत्तर प्रदेश का रहने वाला हू

9198979617

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें