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https://youtu.be/dB_A4_cly8A
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Rahul Singh bauddha 🎻🎤🎹🎼🎸:
1 — भारत के भगवान बुद्ध का दुनिया मे उजियारा
जहा ज्ञान का दीप जला था अब रहता अंधियारा।
— कारण यहां पर पैदा होते नए-नए भगवान यहां
अपने को अवतार बता दे देते हैं व्याख्यान यहां
नए-नए मजलूमो का होता है निर्माण यहां
इनकी बातों में फंस जाते कुछ भोले इंसान यहां
सो भूल भी नष्ट करा देते हैं देकर ब्याज सहारा
भारत के भगवान बुद्ध का दुनिया में उजियारा
— आज अनेकों धर्म देश में मनुष्य धर्म से खाली क्यों
भारत था सोने की चिड़िया आई फिर कंगाली क्यों
दूध दही बहता था यहां पर अब यह गंदी नाली क्यों
सत मार्ग पर चलने वाले चलते चाल कुचली क्यों
जहां प्रेम की वर्षा होती अब खून का बहे फुहारा
भारत के भगवान बुद्ध का दुनिया में उजियारा ।।।
— चारों कोने गुरु बसत है फिर भी ज्ञान का टोटा
आन गिन विद्या है भारत में तहू विद्वानों का टोटा
घर घर में भगवान टंगे हैं फिर भी कल्याण का टोटा
चारों घूंट में गुरु बसत है तो हूं ज्ञान का टोटा
जहां प्रेम से मानुष रहे थे अब वहां भी पति ने मारा
भारत के भगवान बुद्ध का दुनिया में उजियारा ।।।
— यह सब हानि हुई देश की बौद्ध धर्म के जाने से
सत्य हुआ पामाल कल्पना का यहां जाल बिछाने से
ज्ञान की ज्योति बुझी भारत से बुद्ध का निशान मिटाने से
बड़ा अंधविश्वास यहां पर आर्यों के आ जाने से
देखो यारो इस भारत में बुद्ध बिना नहीं गुजारा
भारत के भगवान बुद्ध का दुनिया में उजियारा ।।।।।।।।।।

नमो बुध्दाय
।। शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा ।।
।।।।। खदिया नगला ।।।।।
।।। भरखनी पाली हरदोई ।।।
9198979617
9559255712

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शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा
ग्राम खदिया नगला कुशवाहा
।। भारत के भगवान बुद्ध का दुनिया मे उजियारा ।।
।।।।।।।। नमो बुध्दाय ।।।।।।।।।
शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा
ग्राम खदिया नगला
Rahul Singh bauddha 🎻🎤🎹🎼🎸:
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नमो बुध्दाय साथियो
शास्त्री शाक्य राहुल सिंह बौद्ध ।।
भारतीय संस्कृति विषरस भरा कनक घट जैसे तुलसीदास की अर्धाली स्पष्ट करती है। जो भारतीय संस्कृति नारी जाति का नरक का दरवाजा कहा गया है। आदि गुरू शंकराचार्य ने लिखा है नरकस्य द्वार किम्? नर्क का दरवाजा क्या है? स्वयं उत्तर दिया है नारी। अर्थात नारी नरक का दरवाजा है। नारी को पढने का भी अधिकार नही। स्त्री शूद्रों न अधीयताम् अर्थात स्त्री शूद्रों को शिक्षा नही देनी चाहिए। यह कैसी संस्कृति है जिस नारी के गर्भ से आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ। जो मांरूप मे नारी बच्चे का लालन पालन करती है। मूर्ख शंकराचार्य उसे नरक का दरवाजा बतलाता है। सम्पूर्ण शूद्र समाज को शंकराचार्य शिक्षा के अधिकार से बंचित करने की बात करता है। हिंदू धर्म मे क्षत्रियों और बनियों कौ भी पढने का अधिकार नही था। स्वामी विवेकानंद ने लिखा है ऐ मेरे ब्राह्मण भाइयों ज्ञान जीबन की सुरभि है तुमने क्षत्रियों को इतनी शिक्षा दी जिससे बे केवल लड भिड़ सके और बनियों को इतनी शिक्षा दी जिससे बे केवल व्यापार कर सके और शूद्र इनके पास तो तुमने ज्ञान की एक बूंद भी नही पंहुचने दी। चौका तुम्हारा धर्म है और चूल्हा तुम्हारा भगवान मत छुओ मत छुओ यही तुम्हारा दर्शन। नये भारत का उदय होने दो। नये भारत का उदय किसान की कुटिया और मोची की दुकान से होगा।
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राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा
ग्राम खदिया नगला
पोस्ट भरखनी थाना पाली तहसील सवायजपुर
जिला हरदोई उत्तर प्रदेश ।।

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