शनिवार, 23 नवंबर 2019

Rahul Singh bauddha kushwaha khadiya ngla bharkhani


[23/11, 6:52 PM] Rahul Singh bauddha 🎻🎤🎹🎼🎸: *भारतीय शूद्रों को समर्पित आरती संग्रह*

*शूद्र का आंटा, शूद्र का घी,*
*भोग लगाएं पंडित जी।*
*शूद्र बेचारे दान चढावैं,*
*मौज मनावैं पंडित जी।*
*पैदा हो जब शूद्र के बेटा,*
*नाम धरावैं पंडित जी।*
*आरक्षण से मिलल, नौकरी,*
*मनौती पुरावैं पंडित जी।*
*खेत बेंच मन्दिर बनवावैं,*
*पुजारी बनिगैं पंडित जी।*
*शूद्रन के चपरासी बनवावैं,*
*हाकिम बनिगै पन्डित जी।*
*कर्जा लेके घर बनावैं,*
*हवन करावैं पंडित जी।*
*मां-बाप को गाली देवें,*
*पैर दबवावें पंडित जी।*
*बाप के तेरहीं में खेत बिकल,*
*पूड़ी खावें पंडित जी।*
*माई के तेरहीं में घरवो बिकी गै,*
*गौदान करावैं पन्डित जी।*
*शूद्र जी घूमें मन्दिर तीरथ,*
*संसद जाएं पंडित जी।*
*शूद्र क लड़का काँवड़ ढोवै,*
*दिल्ली पढ़वावैं पन्डित जी।*
...
यह केवल अनपढ़ ग्रामीणों की बात नहीं है। पढ़े लिखे डॉक्टर, इंजिनियर, आईएएस, पीसीएस, वकील, जज, अध्यापक, नेता सबका यही हाल है।
🤔🤔🤔🤔🤔
*शूद्रों, अब तो चेतो*
😢😢😢😢😢
शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा
[24/11, 3:33 AM] Rahul Singh bauddha 🎻🎤🎹🎼🎸: 🔸मनुस्मृति और वैष्णव धर्म


मनुस्मृति और वैष्णव धर्म


01. मनुस्मृति श्लोक 4:18- सेहिया, मछली, बैल, कछुआ और खरगोश' और पांच नाखुन वालों में सिवाय ऊंट को छोडकर इन सभी का मांस खाने योग्य है।

02. मनुस्मृति श्लोक 4:19-
गंदगी खाने वाला सूअर, लहसुन, गाँव का मूर्गा, प्याज, शलगम इनको जानबूझकर खाने से धर्म भ्रष्ट होता है।

03. मनुस्मृति श्लोक 4:30-
. खाने वाले मनुष्य जो किसी भी तरहं खाने योग्य जीव-जानवरों को प्रतिदिन भी खाए तो पाप नहीं लगता। क्योंकि खाने के पदार्थ और खाने वाले जीवों को ब्रह्म ने पैदा किये हैं।

04. मनुस्मृति श्लोक 4:31-
यज्ञ के लिये मांस खाना दैव-विधि कहा गया है। जब्कि शरीर की ताकत बढाने के लिये मांस खाना राक्षस विधि कहा गया है।

05. मनुस्मृति श्लोक 4:36-
ब्राह्मण को चाहिए कि मंत्रो से बिना पवित्र किये गये पशुओं का मांस कभी नहीं खाना चाहिए। हमेशा (सनातन) की विधि में आस्था रखकर मंत्रो से बोलकर किये गये पशुओं को खाएं।

06. मनुस्मृति श्लोक 4:37 - अगर पशु का मांस खाने की इच्छा हो तथा नहीं मिलने पर घी व आटे का पशु बनाकर खा लेना चाहिए।

07. मनुस्मृति श्लोक 4:41 मधुपर्क (शराब), ज्योतिष्टोम आदि यज्ञ तथा पितर व देव कार्य में पशु हिंसा करनी चाहिए।

 🔽🔽शूद्रों की आरती 🔽🔽

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